नीति आयोग के CEO अमिताभ कांत का एक बेहद विवादित बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि भारतीय संदर्भ में कड़े सुधार लाना बहुत मुश्किल है क्योंकि यहां बहुत ज्यादा लोकतंत्र है. पहली बार सरकार ने सभी क्षेत्रों में सटीक और बेहद कड़े सुधार का दृढ़ निश्चय दिखाया है. खनन, कोयला, लेबर, एग्रीकल्चर जैसे क्षेत्रों में सुधार लाना आसान नहीं है. ऐसे कड़े सुधार के लिए बहुत ही मजबूत राजनीतिक दृढ़ता और प्रशासनिक इच्छाशक्ति की जरूरत थी. कई और सुधारों की जरूरत है.
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