टोक्यो ओलिंपिक के जेवलिन थ्रो फाइनल में भारतीय एथलीट नीरज चोपड़ा की शानदार जीत पर आईआईओएस (IIOS) के फाउंडर पार्थ जिंदल ने कहा, नीरज जब ट्रेनिंग ले रहे थे, तब उनका एक ही मकदसद था कि वो टोक्यो ओलिंपिक में पिक करेंगे. 2018 में उन्हें चोट लगी थी. क्योंकि उन्होंने टेक्निक में कुछ बदलाव किया था. उसके बाद मुंबई में हमने उनका सर्जरी करवाया था. मैं इस बीच एक चीज कहना चाहूंगा कि कोरोना के समय उन्हें वीजा नहीं मिल रही थी, उनको स्वीडन ट्रेनिंग के लिए जाना था. उनको टोक्यो के पहले तीन मुकाबला खेलना था. क्योंकि जो ट्रेनिंग मुकाबले में होती है, वो आप सही मायनों में जितना भी प्रैक्टिस कर लो. लेकिन प्रेशर की सिचुएशन में जब आप खेलोगे, तभी आप बड़े बड़े टूर्नामेंट में कामयाब हो सकते हो.”
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